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Tuesday, December 16, 2014

तुम्हारे मन में क्या जा रहा है .......

इस बात का ध्यान रखो कि तुम्हारे मन में क्या जा रहाहै। लोग बेखबर हैं; वे सब कुछ और कुछ भी पढ़े चले जाते हैं, टी वी पर कोई भी मूर्खतापूण बात देखे चले जाते हैं, कोई भी मूर्खतापूर्ण बात किए चले जाते हैं और एक-दूसरे के सिर में कचरा डाले चले जाते हैं।
ऐसी परिस्थिति को टालो जिसमें तुम बेवजह के कचरे से भर दिए जाते हो। तुम्हारे पास पहले ही बहुत साराहै। तुम्हें उससे हल्का होने की जरूरतहै!
सिर्फ आवश्यक बातें सुनो और करो, और धीरे-धीरे तुम शुद्धता की एक सफाई देखोगे, ऐसे जैसे कि तुमने अभी-अभी स्नान लिया है, तुम्हारे भीतर संकल्प पैदा होने लगेगा। वह ध्यान के विकसित होने के लिए आवश्यक मिट्टी बनेगा। यदि तुम अपने मन में कुछ अंतराल खाली छोड़ देते हो, वे चेतना के खाली क्षण ध्यान की झलकें बन जाएंगे, उस पार की पहली झलक, अ-मन की पहली चमक।

Monday, December 15, 2014

काम [सेक्स ] कामना , वासना....
काम का विचार मन में आते है उसे पूरी करने की इच्छा या चाह या कामना मन में पैदा हो जाती है और लगातार मन में रहते रहते वो वासना में तब्दील हो जाती है ! काम अनेक रूपों में हमारे सामने आता है इसे पहचाने , इससे बचे , इस पर नियंत्रण करना सीखे !!इसके लिए ध्यान , मन पर नियंत्रण , और योग सबसे उत्तम है !!!
जय सूर्य देव
     
"नमः सूर्याय शान्ताय सर्व रोग विनाशिने
आयु आरोग्यं ऐश्वर्यं देही देव नमोस्तुते "
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"शांति प्रदान करने वाले, सर्व रोग नाश करने
वाले भगवान सूर्य को नमस्कार है। हे सूर्य देव!
हमें आयु, आरोग्य, ऐश्वर्य प्रदान करें, आप को
नमस्कार है "

Wednesday, December 10, 2014

मोटापा एवं अनेक रोगों से मुक्त होने का अचूक उपाय...!

मेथी दाना -250 ग्राम ,
अजवाइन-100 ग्राम ,
काली जीरा-50 ग्राम

उपरोक्त तीनो चीज़ों को साफ़ करके हल्का सा सेंक लें ,फिर तीनों को मिलाकर मिक्सर में इसका पॉवडर बना लें और कांच की किसी शीशी में भर कर रख लें । रात को सोते समय 1/2 चम्मच पॉवडर एक गिलास कुनकुने पानी के साथ नित्य लें ,इसके बाद कुछ भी खाना यापीना नहीं है ।इसे सभी उम्र के लोग ले सकते हैं

फायदा पूर्ण रूप से 80-90 दिन में हो जायेगा ।

लाभ :-
इस चूर्ण को नित्य लेने से शरीर के कोने -कोने
में जमा पड़ी सभी गंदगी (कचरा )मल और पेशाब द्वारा निकलजाता है ,
फ़ालतू चर्बी गल जाती है , चमड़ी की झुर्रियां अपने आप दूर हो जाती है ,
और शरीर तेजस्वी और फुर्तीला होजाता है ।

अन्य लाभ इस प्रकार हैं ------
1. गठिया जैसा ज़िद्दी रोग दूर हो जाताहै ।

2. शरीर की रोग प्रतिकारक शक्ति को बढ़ाता है।

3. पुरानी कब्ज़ से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है ।

4. रक्त -संचार शरीर में ठीक से होने लगता है ,शरीर की रक्त -नलिकाएं शुद्ध हो जाती हैं ,रक्त में सफाई और शुद्धता की वृद्धि होती है ।

5. ह्रदय की कार्य क्षमता में वृद्धिहोती है ,कोलेस्ट्रोलकम होता है ,जिस से हार्ट अटैक का खतरा नहीं रहता |

6. हड्डियां मजबूत होती हैं ,कार्य करने की शक्तिबढ़ती हैं ,स्मरण शक्ति में भी वृद्धि होतीहै ।थकान नहीं होती है ।

7. आँखों का तेज़ बढ़ता है ,बहरापन दूर होता है ,बालों का भी विकास होता है,दांत मजबूत होते हैं ।

8. भूतकाल में सेवन की गयी एलोपैथिकदवाओं के साइड -इफेक्ट्स से मुक्ति मिलतीहै ।

9. खाना भारी मात्रा में या ज्यादाखाने के बाद भी पच जाता है (इसका मतलब येनहीं है कि आप जानबूझ कर ज्यादा खा ले) ।

10. स्त्रियों का शरीर शादी के बाद बेडौल नहीं होता ,शेप में रहता है ,,शादी के बाद होने वालीतकलीफें दूर होती हैं ।

11. चमड़ी के रंग में निखार आता है ,चमड़ी सूख जाना ,झुर्रियां पड़ना आदि चमड़ी के रोगों से शरीर मुक्त रहता है ।

12. शरीर पानी ,हवा ,धूपऔर तापमान द्वारा होने वाले रोगों से मुक्त रहता है

13. डाइबिटीज़ काबू में रहती है ,चाहें तो इसकी दवा ज़ारी रख सकते हैं।

14. कफ से मुक्ति मिलती है ,नपुंसकता दूर होती है,,व्यक्ति का तेज़ इस से बढ़ता है ,जल्दी बुढ़ापा नहीं आता ,। उम्र बढ़ जाती है |

15. कोई भी व्यक्ति ,किसी भी उम्र का हो ,इस चूर्ण का सेवन कर सकता
है,मात्रा का ध्यान रखें

Wednesday, December 3, 2014

बीमारियों से बचना हो तो सेब खाना न भूलें
एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर सेब में कई बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करने की क्षमता होती है, क्योंकि कोशिकाओं की सामान्य गतिविधियों के दौरान ऑक्सीडेशन की प्रक्रिया को नुकसान से बचाव में एंटी ऑक्सीडेंट मदद
गार होते हैं। सेब में एंटी ऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं, जिनके कारण यह फल कैंसर, मधुमेह, अल्जाइमर जैसी समस्याओं से बचाव कर सकता है।
एम्स में आहार विशेषज्ञ अनुजा अग्रवाल ने बताया कि सेब में पेक्टिन नामक रेशा भरपूर मात्रा में होता है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है। यह बात बहुत ही कम लोगों को पता होगी कि सेब चबा कर खाने से मुंह में लार बनने की प्रक्रिया तेज होती है, जिससे बैक्टीरिया का स्तर घटता है और दांतों का सड़ना कम हो जाता है।
उन्होंने बताया कि रेशा यानी फाइबर पार्न्सन रोड से बचाव में उपयोगी होता है और सेब में फाइबर भरपूर होता है। सेब में फ्लैवोनोल तथा ट्राइटेरपेनोइड्स भी होते है, जो जिगर, गुदा और स्तन में कैंसर उत्पन्न करने वाली कोशिकाओं की गतिविधियों को रोकते हैं।

Tuesday, December 2, 2014

घरेलू चीज़ों से हटाइये चेहरे के बाल
1. बेसन को हल्दीू के साथ मिलाइए , उसमें सरसों का तेल डाल कर गाढा पेस्टच बनाइए। इसे चेहरे पर लगा कर रगडिये और इसे हफ्ते में दो बार लगाइये। ऐसा करने से चेहरा चमचमाने लगेगा।
2. हल्दीि पाउडर को नमक के साथ मिलाइए।इसमें कुछ बूंदे नींबू और दूध की मिला सकती हैं। 5 मिनट के लिए मसाज कीजिए। इससे आपके चेहरे के बाल गायब होंगे और चेहरा सफेद भी होगा।
3. नींबू और शहद के पेस्टआ को मिला कर अपने चेहरे पर 15-20 मिनट के लिए लगा रहने दीजिए। इसके बाद इसे रगड कर छूडाइए और ठंडे पानी से धो लीजिए।
4. बेसन को हल्दी और दही के साथ मिलाए और चेहरे पर 20 मिनट के लिए लगाइए। इसे बाद में दूध और फिर ठंडे पानी से धो लीजिए। एएसा हफ्ते में 2 बार करें।

Sunday, November 16, 2014

कम खाइए फिट रहिये.....

कम खाइए , फिट रहिए
संतुलित आहार लेना हर इंसान के लिए उतना ही आवश्यक है जितना जीन के लिए सांस का लेना जरूरी है परंतु कैलोरीज को खर्च करना भी उतना ही आवश्यक है । शरीर को प्रतिदिन कितनी कैलोरीज की आवश्यकता है , यह हर इंसान के बेसल मेटाबोलिक रेट पर निर्भर करता है । यदि आप अपने आपको मेंटेन करना चाहते है तो कुछ बातों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें :-

रेशेदार भोजन आपका पेट कम करने में सहायक होता है , इसलिए अपने भोजन में इसको शामिल करें जैसे सलाद , कुछ फल और सूप आदि ।
दिन में तीन बड़े आहार और दो छोटे आहार अपने भोजन का हिस्सा बनायें । आहार लेते समय भोजन की मात्रा पर विशेष ध्यान दें । थोड़े समय के अंतर पर थोड़ी मात्रा में लिया आहार आपकी भूख को शांत रखने में सहायक होगा ।
गरिष्ट भोजन खाते समय उसकी मात्रा की सीमा को पहले से तय कर ले क्योंकि अधिक तला और मीठा भोजन आपके शरीर में जैम जाएगा ।
यदी पहले से निशित हो की पार्टी में जाना है तो घर से सलाद , फल या सूप का सेवन अवश्य करके जाए जिससे पार्टी पर आप अपने पर नियंत्रण रख सकें ।
दिन में 10 से 12 गिलास जल पिए ।
तनावपूर्ण वातावरण में भोजन करने से कतराएं । स्वयं भी भोजन के समय तनावमुक्त रहने की कोशिश करें ।
परिवार के साथ इकट्ठे बैठकर ही भोजन करें ।
फास्ट फुड अधिक कैलोरी देते है , इसलिए इसे अपने भोजन में शामिल न करें ।
अपने आपको खुश रखे और आसपास का वातावरण भी हल्का बनाए रखे जिससे तनाव नहीं बढेगा ।
शरीर की चुस्ती और स्फूर्ती के लिए प्रतिदिन सुबह , शाम घूमें और हल्का व्यायाम अवश्य करें ।
पुरुषों को अधिक कैलोरीज की आवश्यकता होती है और स्त्रियों को उनसे कम , इसलिए महिलाओं को पुरूषों का खाने में मुकाबला नहीं करना चाहिए ।
अपने प्रतिदिन के भोजन में अंकुरित सलाद को स्थान दे ।
भोजन में तब्दीली बनाए रखे नहीं तो आप जल्दी ही अपने भोजन से बोर हो जायंगे ।
बासी भोजन न खाएं । कोशिश करें की थोड़ा खाना पकाएं जो एक या दो बार में ख़त्म हो जाये क्योंकी बासी भोजन अपना महत्त्व और पौष्टिकता खो देते है ।
जब परिवार के साथ इकट्ठे बैठकर भोजन किया जाता है तो बातों – बातों में आवश्यकता से अधिक खा लिया जाता है इसलिए अधिक खाने पर नियंत्रण रखे ।
टी . वी . देखते समय स्नैक्स के रूप में लोग कुछ खाते रहते है और टी . वी . देखने की मस्ती में पता ही नहीं चलता की kab नमकीन या वेफर्स का पैकेट ख़तम हो जाता है इसलिए टी . वी . देखते वक्त ऐसे खाने पीने की आदत मत डालिए ।

Monday, October 13, 2014

विचार और स्नेह...
हर एक का सोच विचार का तरीका अलग अलग होता है किन्तु सबके मन में दया , स्नेह और करुणा एक समान होनी चाहिए !

Tuesday, October 7, 2014

गुड............

-भोजन के पश्चात नित्य गुड़ की एक डली मुँह में रख कर चूसने से पाचन अच्छा होता है। साथ ही वायुविकार अर्थात गैसेस से भी मुक्ति मिलती है। एसिडिटी नहीं होती।
-चीनी की चाय की जगह गुड़ की चाय अधिक स्वास्थ्यकर मानी जाती है।
-२५० ग्राम कच्चा पीसा जीरा और १२५ ग्राम गुड़ को मिला कर इसकी गोलियाँ बना लें। दो-दो गोली नित्य दिन में तीन बार खाने से मूत्र विकार में लाभ मिलता है। जैसे मूत्र नहीं होना, मूत्र में जलन आदि।
-रक्तविकार वालों को गुड़ की चाय, दूध के साथ गुड़ या गुड़ की लस्सी पीने से लाभ होता है।
-बीस ग्राम गुड़ और एक चम्मच आँवले का चूर्ण नित्य लेने से वीर्य की दुर्बलता दूर होती है और वीर्य पुष्ट होता है।
-गुड़ और शुद्ध घी मिला कर खाने से शरीर तगड़ा होता है। इससे रक्तविकार और रक्तपित्त नहीं होता।
-एसिडिटी वालों को रोज प्रातःकाल थोड़ा सा गुड़ चूसना चाहिए। -ठंड के दिनों में गुड़, अदरक और तुलसी के पत्तों का काढ़ा बना कर गर्मागर्म पीना अच्छा रहता है। यह सर्दी-जुकाम से बचाता है।

Friday, August 29, 2014

Gourd oil recipes .....

Gourd oil recipes 
Take 250 grams of sesame or coconut oil. Fourteen kg gourd (Dudhi) Pisen and finer the fabric, cut it into small pieces firmly remove his water filter. 
Oil in a pot and boil on low heat. When it should be slightly warm water then slowly pour out of the gourd. Now to the boil. When all the water to cold water should keep the oil off. Refrigerate filling in a bottle to keep him on. 
It Rogan almond oil (almond oil) is known as the younger brother. Body oil massage twice a week from this there are many benefits. In short, the memory grows, lives and minds in the brain is fueled refrigeration.