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Wednesday, May 21, 2014

दूसरों की अपेक्षाओं को पूरा करना बंद करो, क्योंकि यह एक मात्र ढंग है जिससे तुम आत्महत्या कर सकते हो। तुम यहां किसी की भी अपेक्षाएं पूरी करने के लिए नहीं हो और कोई भी यहां तुम्हारी अपेक्षाएं पूरी करने के लिए नहीं हैं। दूसरों की अपेक्षाओं के कभी भी शिकार मत बनो और किसी दूसरे को अपनी अपेक्षाओं का शिकार मत बनाओ।
यही है जिसे मैं निजता कहता हूं। अपनी निजता का सम्मान करो और दूसरों की निजता का भी सम्मान करो। कभी भी किसी के जीवन में हस्तक्षेप मत करो और किसी को भी अपने जीवन में हस्तक्षेप मत करने दो। सिर्फ तब ही एक दिन तुम आध्यात्मिकता में विकसित हो सकते हो।
काजल के हैं कई प्रयोग अलग-अलग तरीको से

क्‍या आप जानती है कि एक मेकअप का प्रोडक्‍ट कितनी ही तरीके से इस्‍तमाल किया जा सकता है। इसी तरह से एक काजल से भी आप अपने कई काम निपटा सकती हैं। चलिये देखते हैं कि किस तरह से काजल का प्रयोग अलग-अलग तरीको से किया जा सकता है।
1. आंखों के नीचे- अगर आपको आंखों के नीचे गहरी या पलती काली रेखा खीचनी है तो आप काजल का प्रयोग इसी प्रकार से कर सकती हैं। अगर आंखों के नीचे गाढी रेखा खींचेगी तो आपकी आंखे बहुत सुंदर दिखने लगेगी।
2. आईलाइनर की तरह- आईलाइनर की जगह पर आप काजल का प्रयोग कर सकती हैं। पलको पर काजल को बिल्‍कुल उसी पैटर्न में लगाएं जैसे आप आईलाइनर को लगाती हैं। यदि आप पलको के किनारे एक छोटी सी रेखा खींच देंगी तो यह अंइरज आपके वेस्‍टर्न और इंडियन दोंनो की लुक पर काम कर जाएगा।
3. बिन्‍दी- हिन्‍दुस्‍तानी कपड़े के साथ बिन्‍दी बहुत ही खूबसूरत लगती है। बस काजल की टिप से एक छोटी सी बिन्‍दी अपने माथे पर रख दीजिये । बिन्‍दी का साइज बडा़ या छोटी कर सकती हैं।
4. आईशैडो की तरह- गाढे रंगे के आईमेकअप के लिये आप काजल का प्रयोग कर सकती हैं। अपनी उंगलियों पर थोड़ा सा काजल लें और उसे मसल कर अपनी ऊपरी पलकों पर लगा दें। इसे चाहें तो गहरा लगाएं या फिर हल्‍के रंग का।
5. सफेद बालों को छुपाएं- अगर आपके सिर पर एक या दो सफेद रंग के बाल हैं तो आप उन्‍हें काजल लगा कर छुपा सकती हैं।
6. आईब्रो लाइनर- अपनी आईब्रो को शेप देने के लिये आप आईलाइनर का उपयोग कीजिये।
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Wednesday, May 7, 2014

DROP THE I - BEFORE - I DROPS U........

शहतूत.....

गर्मियां अभी अच्छी तरह से नहीं आई लेकिन बाजार में शहतूत (Shahtoot) मिलने लगे हैं. गर्मियों में शहतूत आपके दिमाग, और शरीर दोनों को चुस्त दुरुस्त रखता है. शहतूत के शर्बत (Shahtoot Sharbat) के तो क्या कहने!
यदि आपके शहर में शहतूत उपलब्ध हों तो इसका शर्बत अवश्य बनाईये. इसका शर्बत बनाना बहुत आसान है.
आवश्यक सामग्री - Ingredients for Shahtoot Sharbat
शहतूत - 200 ग्राम
चीनी - 200 ग्राम
पानी - 1.5
नीबू - 1
बर्फ के क्य़ूब्स -
शहतूत की डंडिया तोड़कर साफ कर लीजिये और इसे शहतूत को अच्छी तरह से धो लीजिये, शहतूत और चीनी मिलाकर मिक्सर में डालिये और बारीक पीस लीजिये.
पिसे हुये शहतूत के पेस्ट में पानी मिलाइये और छान लीजिये. नीबू का रस निचोड़ कर मिला दीजिये.शहतूत का शरबत (Shahtoot Sharbat) तैयार है, शरबत को गिलासों में डालिये, बर्फ का क्रस डाल कर पीने के लिये दीजिये और पीजिये. 200 शहतूत से बने शर्बत को को 8 - 10 गिलास में भरा जा सकता है.
शहतूत के शरबत (Shahtoot Sharbat) को फ्रिज में रखकर आप दूसरे दिन तक परोस सकते हैं लेकिन सबसे अच्छा तो यह है कि आप इसे एकदम ताजा ही परोसें !!!

Tuesday, May 6, 2014

नहीं हो सकता.....

आलसी सुखी नहीं हो सकता , 
निद्रालु विद्या (पढने ) का अभ्यासी नहीं हो सकता ,
माया मोह में फसा व्यक्ति वैरागी नहीं हो सकता ,
और हिंसक व्यक्ति कभी दयावान नहीं हो सकता........

मौन......

..इतना कुछ होते हुए भी
शब्दकोश में असंख्य शब्द होते हुए भी...
...मौन होना सब से बेहतर है। 

नज़र रखो......

नज़र रखो अपने 'विचार' पर, क्योंकि वे ''शब्द'' बनते हैँ।
नज़र रखो अपने 'शब्द' पर, क्योंकि वे ''कार्य'' बनते हैँ।
नज़र रखो अपने 'कार्य' पर, क्योंकि वे ''स्वभाव'' बनते हैँ।
नज़र रखो अपने 'स्वभाव' पर, क्योंकि वे ''आदत'' बनते हैँ।
नज़र रखो अपने 'आदत' पर, क्योंकि वे ''चरित्र'' बनते हैँ।
नज़र रखो अपने 'चरित्र' पर, क्योंकि उससे ''जीवन आदर्श'' बनते हैँ। 

मित्रता....

मित्रता एक वन वे सड़क है जिस पर दो मित्र चलते है----
एक दूसरे के हाथ में हाथ डाले,
एक दूसरे का ध्यान रखते हुए,
एक दूसरे से प्रत्येक चीज / बात साझा करते हुए,
एक दूसरे को क्षमा करते हुए और 
एक दूसरे को मौन आश्वासन देते हुए कि
मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूँ !!!

अंतरात्मा की आवाज़ सुने ...

अंतरात्मा की आवाज़ सुने ...
कई बार जीवन में हम करने कुछ जाते है और हमारा मन जिसे हम अंतर्मन भी कहते है कुछ और कहता है ! ऐसे में थोडा रूककर ,विचार करके, कार्य करेबी ! हो सकता है कभी कभी सांसारिक दृष्टी से वो कार्य आपके हित का न लगे थोडा नुक्सान लगे मगर अंतर्मन की आवाज़ की १००% न भी सुने तो भी उसे पूरा दबाये न उसे जीवित रखे यकीं मानिए एक बार भी जीवन में अंतर्मन की आवाज़ सुनने और उस पर अमल करने की राह पकड़ ली तो जीवन की दशा और दिशा दोनों सुदृढ़ ,सुचारू और व्यस्वस्थित हो जायेगी !!!

खीरा.....

खीरे या उसके जूस में पाए जाने वाले पोषक तत्व कब्ज और एसिडिटी की समस्या को दूर करते हैं। पाचनतंत्र को मजबूत बनाने के अलावा यह गेस्ट्रिक और छोटी आंत के अल्सर में मरीजों के लिए दवा का काम करता है। खीरे में 96 प्रतिशत पानी होता है, जो किसी भी कंपनी के बोतलबंद पानी से बेहतर है, जो प्राकृतिक रूप से शुद्ध होता है। खीरे में अल्कालिन फॉमिंग मिनरल्स (क्षारीय तत्व) होता है, इसीलिए इसे ब्यूटी प्रोडक्ट्स में भी प्रयोग किया जाता है। इसमें एंटीआक्सीडेंट का काम करने वाले विटामिन ए, सी, मैंगनीज, पोटेशियम, सिलिका और सल्फर होते हैं। खीरा बहुत कम कैलोरी वाला खाद्य पदार्थ है। 100 ग्राम खीरे में 54 कैलोरी ऊर्जा होती है। इसलिए इसे खाने से वजन नहीं बढ़ता। यह ब्लड प्रेशर को भी कम करता है, लेकिन इस समस्या के मरीज खीरे में नमक लगाकर ना खाएं। खीरा शरीर से विषैले पदार्थो को यूरिन के रास्ते बाहर निकाल देता है। बुखार आने पर खीरे का जूस पीएं। यह शरीर के तापमान को नियंत्रित रखता है। यदि अपच की शिकायत हो, तो भोजन के साथ सलाद के रूप में खीरा खाएं। खीरे को गोल काटकर आंखों पर रखने से जलन दूर होती है। रोजाना सलाद के तौर पर काला नमक, कालीमिर्च और नीबू मिलाकर खाएं। रायता बनाकर भी खा सकते हैं।