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Monday, September 28, 2020

सम्यक श्रम रजनीश

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*सम्यक श्रम*

सम्यक श्रम भी मनुष्य की चेतना और ऊर्जा को जगाने के लिए अनिवार्य हिस्सा है।

अब्राहम लिंकन एक दिन सुबह-सुबह अपने घर बैठा अपने जूतों पर पॉलिश करता था। उसका एक मित्र आया और उस मित्र ने कहा: लिंकन, यह क्या करते हो? तुम खुद ही अपने जूतों पर पॉलिश करते हो?

लिंकन ने कहा: तुमने मुझे हैरानी में डाल दिया। तुम क्या दूसरों के जूतों पर पॉलिश करते हो? मैं अपने ही जूतों पर पॉलिश कर रहा हूं। तुम क्या दूसरों के जूतों पर पॉलिश करते हो?

उसने कहा कि नहीं-नहीं, मैं तो दूसरों से करवाता हूं।

लिंकन ने कहा: दूसरों के जूतों पर पॉलिश करने से भी बुरी बात यह है कि तुम किसी आदमी से जूते पर पॉलिश करवाओ।

इसका मतलब क्या है? इसका मतलब यह है कि जीवन से सीधे संबंध हम खो रहे हैं। जीवन के साथ हमारे सीधे संबंध श्रम के संबंध हैं। प्रकृति के साथ हमारे सीधे संबंध हमारे श्रम के संबंध हैं।

कनफ्यूशियस के जमाने में--कोई तीन हजार वर्ष पहले--कनफ्यूशियस एक गांव में घूमने गया था। उसने एक बगीचे में एक माली को देखा। एक बूढ़ा माली कुएं से पानी खींच रहा है। बूढ़े माली का कुएं से पानी खींचना बड़ा कष्टपूर्ण है। वह बुड्ढा लगा हुआ है पानी को...जहां बैल लगाए जाते हैं, वहां बुड्ढा लगा हुआ है और उसका जवान लड़का लगा हुआ है। वे दोनों पानी खींच रहे हैं! वह बूढ़ा बहुत बूढ़ा है।

कनफ्यूशियस को खयाल हुआ कि क्या इस बूढ़े को अब तक पता नहीं है कि बैलों या घोड़ों से पानी खींचा जाने लगा है। यह खुद ही लगा हुआ खींच रहा है। यह कहां के पुराने ढंग को अख्तियार किए हुए है।

तो वह बूढ़े आदमी के पास कनफ्यूशियस गया और उससे बोला कि मेरे मित्र! क्या तुम्हें पता नहीं है, नई ईजाद हो गई है। लोग घोड़े और बैलों को जोत कर पानी खींचते हैं, तुम खुद लगे हुए हो?

उस बूढ़े ने कहा: धीरे बोलो, धीरे बोलो! क्योंकि मुझे तो कुछ खतरा नहीं है, लेकिन मेरा जवान लड़का न सुन ले।

कनफ्यूशियस ने कहा: तुम्हारा मतलब?

उस बूढ़े ने कहा: मुझे सब ईजाद पता है, लेकिन सब ईजाद आदमी को श्रम से दूर करने वाली है। और मैं नहीं चाहता कि मेरा लड़का श्रम से दूर हो जाए। क्योंकि जिस दिन वह श्रम से दूर होगा, उसी दिन जीवन से भी दूर हो जाएगा।

जीवन और श्रम समानार्थक हैं। जीवन और श्रम एक ही अर्थ रखते हैं। लेकिन धीरे-धीरे हम उनको धन्यभागी कहने लगे हैं, जिनको श्रम नहीं करना पड़ता है और उनको अभागे कहने लगे हैं, जिनको श्रम करना पड़ता है! और यह हुआ भी। एक अर्थ में बहुत से लोगों ने श्रम करना छोड़ दिया, तो कुछ लोगों पर बहुत श्रम पड़ गया। बहुत श्रम प्राण ले लेता है, कम श्रम भी प्राण ले लेता है।

इसलिए मैंने कहा: सम्यक श्रम। श्रम का ठीक-ठीक विभाजन। हर आदमी के हाथ में श्रम होना चाहिए। और जितनी तीव्रता से और जितने आनंद से और जितने अहोभाव से कोई आदमी श्रम के जीवन में प्रवृत्त होगा, उतना ही पाएगा कि उसकी जीवन-धारा मस्तिष्क से उतर कर नाभि के करीब आनी शुरू हो गई है। क्योंकि श्रम के लिए मस्तिष्क की कोई जरूरत नहीं होती। श्रम के लिए हृदय की भी कोई जरूरत नहीं होती। श्रम तो सीधा नाभि से ही ऊर्जा को ग्रहण करता है और निकलता है।

थोड़ा श्रम, ठीक आहार के साथ-साथ थोड़ा श्रम अत्यंत आवश्यक है। और यह इसलिए नहीं कि यह किसी और के हित में है कि आप गरीब की सेवा करें तो यह गरीब के हित में है, कि आप जाकर गांव में खेती-बाड़ी करें, तो यह किसानों के हित में है, कि आप कोई श्रम करेंगे, तो बहुत बड़ी समाज-सेवा कर रहे हैं। 

झूठी हैं ये बातें। यह आपके हित में है और किसी के हित में नहीं है। किसी और के हित का इससे कोई संबंध नहीं है। किसी और का हित इससे हो जाए, वह बिलकुल दूसरी बात है, लेकिन यह आपके हित में है।

- ओशो, 
अंतर्यात्रा (ध्‍यान शिविर) प्रवचन-3

कीमत धर्म ग्रन्थों की

एक बूढ़ी माता मन्दिर के सामने भीख माँगती थी। एक संत ने पूछा - आपका बेटा लायक है, फिर यहाँ क्यों?

बूढ़ी माता बोली - बाबा, मेरे पति का देहान्त हो गया है। मेरा पुत्र परदेस नौकरी के लिए चला गया। जाते समय मेरे खर्चे के लिए कुछ रुपए देकर गया था, वे खर्च हो गये इसीलिए भीख माँग रही हूँ।

सन्त ने पूछा - क्या तेरा बेटा तुझे कुछ नहीं भेजता?

बूढ़ी माता बोलीं - मेरा बेटा हर महीने एक रंग-बिरंगा कागज भेजता है जिसे मैं दीवार पर चिपका देती हूँ।

सन्त ने उसके घर जाकर देखा कि दीवार पर 60 bank drafts चिपकाकर रखे थे। प्रत्येक draft ₹50,000 राशि का था। पढ़ी-लिखी न होने के कारण वह नहीं जानती थी कि उसके पास कितनी सम्पत्ति है। संत ने उसे draft का मूल्य समझाया।

उन माता की ही भाँति हमारी स्थिति भी है। *हमारे पास धर्मग्रन्थ तो हैं पर माथे से लगाकर अपने घर में सुसज्जित करके रखते हैं जबकि हम उनका वास्तविक लाभ तभी उठा पाएगें जब हम उनका अध्ययन, चिन्तन, मनन करके उन्हें अपने जीवन में उतारेगें*।

*हम  हमारे ग्रन्थों की वैज्ञानिकता को समझें,  हमारे त्यौहारो की वैज्ञानिकता को समझें और अनुसरण करें*  😌😌😌🙏🏻🙏🏻

महाभारत से सीख

*यदि "महाभारत" को पढ़ने का समय न हो तो भी इसके नौ सार- सूत्र हमारे जीवन में उपयोगी सिद्ध हो सकते है :-*

*1.संतानों की गलत माँग और हठ पर समय रहते अंकुश नहीं लगाया गया, तो अंत में आप असहाय हो जायेंगे-*  *कौरव*

*2.आप भले ही कितने बलवान हो लेकिन अधर्म के साथ हो तो, आपकी विद्या, अस्त्र-शस्त्र शक्ति और वरदान सब निष्फल हो जायेगा -*    *कर्ण*

*3.संतानों को इतना महत्वाकांक्षी मत बना दो कि विद्या का दुरुपयोग कर स्वयंनाश कर सर्वनाश को आमंत्रित करे-*
*अश्वत्थामा*

*4.कभी किसी को ऐसा वचन मत दो  कि आपको अधर्मियों के आगे समर्पण करना पड़े -*    *भीष्म पितामह*

*5.संपत्ति, शक्ति व सत्ता का दुरुपयोग और दुराचारियों का साथ अंत में स्वयंनाश का दर्शन कराता है -*    *दुर्योधन*

*6.अंध व्यक्ति- अर्थात मुद्रा, मदिरा, अज्ञान, मोह और काम ( मृदुला) अंध व्यक्ति के हाथ में सत्ता भी विनाश की ओर ले जाती है -*    *धृतराष्ट्र*

*7.यदि व्यक्ति के पास विद्या, विवेक से बँधी हो तो विजय अवश्य मिलती है -*
*अर्जुन*

*8.हर कार्य में छल, कपट, व प्रपंच रच कर आप हमेशा सफल नहीं हो सकते -*
*शकुनि*

*9.यदि आप नीति, धर्म, व कर्म का सफलता पूर्वक पालन करेंगे, तो विश्व की कोई भी शक्ति आपको पराजित नहीं कर सकती -*   *युधिष्ठिर*

इन नौ सूत्रों से सबक लिया जाता है  तो जीवन मे सुख, शांति, उन्नति, समृध्दि सब कुछ  संभव हो जाता है।*

Sunday, September 27, 2020

मालिक और भक्त

अवश्य पढ़ें एक सुंदर कहानी :-

एक गाय घास चरने के लिए एक जंगल में चली गई। शाम ढलने के करीब थी। उसने देखा कि एक बाघ उसकी तरफ दबे पांव बढ़ रहा है। 
वह डर के मारे इधर-उधर भागने लगी। वह बाघ भी उसके पीछे दौड़ने लगा। दौड़ते हुए गाय को सामने एक तालाब दिखाई दिया। घबराई हुई गाय उस तालाब के अंदर घुस गई। 
वह बाघ भी उसका पीछा करते हुए तालाब के अंदर घुस गया। तब उन्होंने देखा कि वह तालाब बहुत गहरा नहीं था। उसमें पानी कम था और वह कीचड़ से भरा हुआ था। 
उन दोनों के बीच की दूरी काफी कम  थी। लेकिन अब वह कुछ नहीं कर पा रहे थे। वह गाय उस कीचड़ के अंदर धीरे-धीरे धंसने लगी। वह बाघ भी उसके पास होते हुए भी उसे पकड़ नहीं सका। वह भी धीरे-धीरे कीचड़ के अंदर धंसने लगा। दोनों ही करीब करीब गले तक उस कीचड़ के अंदर फंस गए। 
दोनों हिल भी नहीं पा रहे थे। गाय के करीब होने के बावजूद वह बाघ उसे पकड़ नहीं पा रहा था। 
थोड़ी देर बाद गाय ने उस बाघ से पूछा, क्या तुम्हारा कोई गुरु या मालिक है? 
बाघ ने गुर्राते हुए कहा, मैं तो जंगल का राजा हूं। मेरा कोई मालिक नहीं। मैं खुद ही जंगल का मालिक हूं।
 गाय ने कहा, लेकिन तुम्हारी उस शक्ति का यहां पर क्या उपयोग है? 
उस बाघ ने कहा, तुम भी तो फंस गई हो और मरने के करीब हो। तुम्हारी भी तो हालत मेरे जैसी ही  है।

गाय ने मुस्कुराते हुए कहा,.... बिलकुल नहीं। मेरा मालिक जब शाम को घर आएगा और मुझे वहां पर नहीं पाएगा तो वह ढूंढते हुए यहां जरूर आएगा और मुझे इस कीचड़ से निकाल कर अपने घर ले जाएगा। तुम्हें कौन ले जाएगा? 

थोड़ी ही देर में सच में ही एक आदमी वहां पर आया और गाय को कीचड़ से निकालकर अपने घर ले गया। 
जाते समय गाय और उसका मालिक दोनों एक दूसरे की तरफ कृतज्ञता पूर्वक देख रहे थे। वे चाहते हुए भी उस बाघ को कीचड़ से नहीं निकाल सकते थे, क्योंकि उनकी जान के लिए वह खतरा था।

गाय ----समर्पित ह्रदय का प्रतीक है।
बाघ ----अहंकारी मन है।
 और 
मालिक---- ईश्वर का प्रतीक है।
कीचड़---- यह संसार है।
 और
यह संघर्ष---- अस्तित्व की लड़ाई है।

किसी पर निर्भर नहीं होना अच्छी बात है, लेकिन मैं ही सब कुछ हूं, मुझे किसी के सहयोग की आवश्यकता नहीं है, यही अहंकार है, और यहीं से विनाश का बीजारोपण हो जाता है।
   
  ईश्वर से बड़ा इस दुनिया में सच्चा हितैषी कोई नहीं होता, क्यौंकि वही अनेक रूपों में हमारी रक्षा करता है

जय श्री कृष्ण

🙏🙏🙏🙏🙏🙏

Saturday, September 26, 2020

Body parts

1. The *STOMACH* is injured when you do not have breakfast in the morning.

2. The *KIDNEYS* are injured when you do not even drink 10 glasses of water in 24 hours.

3. The *GALLBLADDER* is injured when you do not even sleep until 11 o'clock and do not wake up to the sunrise.

4. The *SMALL INTESTINE* is injured when you eat cold and stale food.

5. The *LARGE INTESTINES* are injured when you eat more fried and spicy food.

6. The *LUNGS* are injured when you breathe in smoke and stay in polluted environment of cigarettes.

7. The *LIVER* is injured when you eat heavy fried food, junk, and fast food.

8. The *HEART* is injured when you eat your meal with more salt and cholesterol.

9. The *PANCREAS* is injured when you eat sweet things because they are tasty and freely available.

10.  The *Eyes* are injured when you work in the light of mobile phone and computer screen in the dark.

11. The *Brain* is injured when you start thinking negative thoughts.

12. The *SOUL* gets injured when you don't have family and friends to care and share with you in life their love, affection, happiness, sorrow and joy. 

*All these parts are NOT available in the market*. So take good care and keep your body parts healthy.💧

Friday, September 18, 2020

धर्म

💥 *धन और धर्म में कौन महान!*
*इसका जवाब बहुत सुंदर कविता के रूप में  है, "धन की रक्षा करनी पड़ती है" धर्म हमारी रक्षा करता है।*
*धन के लिए पाप करना पड़ता है,*
      *धर्म से पाप का त्याग होता है।*
*धन मित्रों को भी दुश्मन बना देता है,*
     *धर्म दुश्मनों को भी मित्र बना देता है।* 
*धन रहते हुए भी व्यक्ति दुःखी है,*
      *धर्म से व्यक्ति दुःख में भी सुखी है।*
*धन इच्छा को बढ़ाता है,*
      *धर्म इच्छाओं को घटाता है।*
*धन में लाभ हानि चलती रहती है,*
      *धर्म में फायदा ही फायदा है।*
*धन चार गति में भटकाता है,*
      *धर्म चार गतियों से पार कराता है।*
*धन से रोग बढ़ता है,*
      *धर्म से जीवन स्वस्थ बनता है।*
*धन अशाश्वत है,*
      *धर्म शाश्वत है।*
*धन का साथ इसी भव तक है,*
      *धर्म परभव में भी साथ रहता है।*
*जो सच्चे मन से अपनाता है धर्म,*
*उसके निरंतर कटते रहते है कर्म'*                         *इसलिए सच्चे धर्म को गहराई से समझना चाहिए। संसार मे हर कार्य हम सोच समझकर करते है, बस धर्म ही एक ऐसी वस्तु है जो हम बिना सोचे समझे सिर्फ करते है। धर्म तो समझकर जीवन मे उतारने की, जीने - मरने की कला है, जो हमें अनंत भव भ्रमण के चक्कर से बचाता है। अंधश्रद्धा से नहीं, कुल परम्परा से नहीं, किसी भी आग्रहों के बिना, सच्चे धर्म को समझकर मुक्ति की ओर बढ़े व अपने मनुष्य भव को सफल बनाये। 💎 जय प्रभु !!*🙏

स्वयं की ऊर्जावान रखें

स्वयम को सदा ऊर्जावान व् सकारात्मक रखें ।

theory of frequency ...!

👤  **अक्सर जब आपके साथ कोई घटना होती है तो हमें यही कहा जाता है कि तुम्हारे कर्म ही ऐसे है या फिर , तुम्हारे ग्रह अभी ऐसे थे जिसके कारण यह सब घटित हुआ ....! बात सही भी है व्यक्ति हमेशा अपने ग्रहों से प्रेरित रहता है , चाहे ज्ञानी या अज्ञानी , हर व्यक्ति अपने ग्रहों से हर जगह प्रभावित रहता है लेकिन ग्रह और व्यक्ति के बीच में एक ऐसी चीज़ है जिसे बदला जाए तो घटनायें बदली जा सकती है .....! इसे आप ऐसे समझें ... आपकी आँखों  👀की रोशनी कमज़ोर हो गयी है , अब आपको सबकुछ साफ़ नहीं दिखता लेकिन अगर आप नम्बर का चश्मा 🤓use करना शुरू करे तो आप वापस चीज़ों को साफ़ देख सकेंगे , .... सही कहे तो frequency इस चश्मे की तरह ही काम करके चीज़ों को बदल देती है ....! 

📃 **फ़्रीक्वन्सी को समझने के लिए हमें meta physics के सूत्रों को जानना पड़ता है लेकिन विनय विराट ••• theory of success में इसे हम बड़ी आसानी से समझने की कोशिश कर रहे है कि इस सूत्र का लाभ हर किसी को मिल सके ...! Frequency दो तरह की होती है एक higher और एक lower .., जब आप ख़ुद को अभाव में महसूस करते है , आपको दूसरे ग़लत लगते है , आपको उनसे शिकायत है कि वो ग़लत कर रहे है , आपका मन बिलकुल नहीं लग रहा , आप उदास है , आपको अपने जीवन के प्रति कोई उत्साह नहीं है , आपको लगता है कि लोग बहुत स्वार्थी हैं तो ये सब फ़ीलिंग यह शो करती है कि आप low frequency पर है , अब चाहे आपके ग्रह अच्छे भी हो लेकिन वो सुप्त हो जाएँगे और जो नेगेटिव ग्रह है वो active होकर आपको बुरी घटनायें देंगे .....!! 

😇 **दूसरी तरफ़ जब आपको जीवन के प्रति बहुत ज़्यादा उत्साह है , आपको लगता है कि आपके परिवार वाले , आपके मित्र , आपके आस पास सब लोग बहुत प्यारे और सहयोगी हैं , आप हमेशा ख़ुद को लकी फ़ील करते है , आपके अंदर हर व्यक्ति के लिए प्रशंसा की भावना है , आपको लगता है कि भगवान ने आपको कितना ज़्यादा दिया है , आपको हर तरफ़ समृद्धि की फ़ीलिंग ही नज़र आती है ..., तो यह फ़्रीक्वन्सी higher फ़्रीक्वन्सी है ....! जब आप हाइअर फ़्रीक्वन्सी पर होते हो तो आपके सारे शुभ ग्रह active होकर आपको अच्छी घटनायेंदेते है इसलिए जो व्यक्ति फ़्रीक्वन्सी को higher  रखना सीख जाए उस व्यक्ति का जीवन सुखी और मस्ती से भरा रहता है .......!! 

👉🏻 **traditional प्रवचन में जब आप सुनते हो कि कोई तुम्हारे साथ नहीं चलेगा , मृत्यु के समय तुम्हें अकेले ही  जाना पड़ेगा , दुनिया अपने स्वार्थ से भरी पड़ी है , यहाँ कोई किसी का नहीं है सब काम के रिश्ते रखते हैं आदि .... तो यक़ीन कीजिए ऐसी बातें आपको low फ़्रीक्वन्सी पर लेकर चली जाती है जहाँ आपके साथ नेगेटिव घटनायें होगी , अगर आप देखे कि कोई सन्यासी जो संसार को आसार मानता है और अपने प्रवचन में बार बार नेगेटिव चीज़ कहता है तो उसे या तो acidity या अनिद्रा की समस्या शुरू होगी , इसका कारण है कि जब आप बार बार इस संसार को नेगेटिव कहते है तो आपका शनि ग्रह active हो जाता है और वही इस समस्या का कारक ग्रह है ......! 

👉🏻🌍 *ये दुनिया वाक़ई बहुत प्यारी है , अक्सर लोग सोचते है कि मोक्ष के बाद आनंद है और मोक्ष तभी होगा जब आपको अपनी वर्तमान लाइफ़ waste लगेगी पर वैसा नहीं है , जब आपको इसी पल अपना जीवन बहुत amazing लगे यक़ीन कीजिए तभी आपकी आध्यात्मिक यात्रा शुरू हुई है ...! वास्तव में जो व्यक्ति हमेशा higher फ़्रीक्वन्सी पर रहता है वो पुण्य का बंध ही करता है , उसकी लेश्या मात्र से लोगों के दुःख दूर हो जाते हैं , उसके एक भाव से किसी के जीवन में आ रही मुश्किलें दूर हो जाती है ,..... मित्रों इसलिए फ़्रीक्वन्सी के इस नियम को जाने और ख़ुद को हमेशा एक higher frequency पर रखे जहाँ आपको अपना जीवन बहुत ही superb लगे और आप हर पल को enjoy करे .....!!

धन्यवाद 🙏🏻

थायराइड

*"*थायराइड की अचूक रामबाण औषधि*

थायराइड पीड़ित रोगी को अपनी
जीवन शैली बदलना पड़ेगा
आहार विहार बदले योग प्राणायाम को जीवन का अंग
बना लेना चाहिए।
*"*सिंघासन प्राणायाम जरूर*
*"*ही करना चाहिए*
औषधि
*"*कांचनार गुग्गुल धूतपापेशवर*
*"*आरोग्य वर्धिनी बटी धूतपापेशवर*
*"*कैशोर गुग्गुल धूतपापेशवर*
*"*लीव ५२डीएस टैबलेट*
दो दो गोलियां सुबह सायं गर्म पानी से नियमित रूप से सेवन करें
यदि वजन बढ़ रहा है तो
*"*मेदोहर गुगुल बटी* धूतपापेशवर ३--३गोलीयां सुबह सायं गर्म पानी से नियमित रूप से सेवन करें
छः महीने तक नियमित रूप से औषधि सेवन करें।
*"*डा श्याम कुमार गुप्ता*
*"*संस्थापक निदेशक*
*"*धनवंतरि आरोग्य संस्थान*
*"*आयुर्वेद शोध अनुसंधान शाला*
कनाटप्लेस चकराता रोड देहरादून उत्तराखंड
9358192731
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Sunday, October 4, 2015

आँखों के आस पास होने वाले डार्क सर्कल्स से मुक्ति !

आँखों के आस पास होने वाले डार्क सर्कल्स से मुक्ति पाने के कुछ घरेलू उपायों के बारे में जानते हैं।
1. यदि आप आलू या खीरे को काटकरउसकी स्लाइस को अपनी आँखों पर 5 मिनट तक रखते हैं तो आपकी आँखों को ठंडक पहुँचती है। अतःइस प्रयोग को रोजाना दोहराएं। इससे आपके काले घेरे जल्दी ख़त्म हो जाएंगे।
2. बादाम का तेल इस समस्या में संजीवनी बूटी की तरह है जो बेअसर नही हो सकती। रात को सोने से पहले बादाम के तेल को अपने काले घेरों पर लगाएं और सुबह धो दें। इसके नियमित प्रयोग से आप जल्द ही अपने काले घेरों से छुटकारा पा लेंगे।
3. एक और सरल उपाय है टमाटर के रस में निम्बू का रस मिलाकर और थोड़ा बेसन और चुटकी भर हल्दी इन सबको अच्छे से मिलाकर एक पेस्ट बना लें और इस पेस्ट को अपने डार्क सर्कल्स पर लगाएं और थोड़ी देर बाद पानी से धो दें। यह उपाय बहुत ही असरदार होता है।
4. यदि आप पुदीने की हरी पत्तियों को पीस कर उन्हें अपने डार्क सर्कल्स पर लगाएं और 20 मिनट बाद धो दें तो इससेआपकी आँखों को ठंडक पहुंचेगी और डार्क सर्कल्स भी कम हो जाएंगे।
इन सबसे बातों के अलावा सबसे ज़रूरी है की आप अपने खान पान काविशेष ध्यान रखें। ज्यादा से ज्यादा पानी पीयें, धूप में निकले से पहले सन्सक्रीम का प्रयोग अवश्य करें और फल और सलाद आदि का अधिक सेवन करें। जंक फ़ूड ना खाएं और यदि आवश्यकता पड़े तो मल्टीविटामिनटेबलेट्स का प्रयोग करें । 7-8घंटे की नींद अवश्य लें। इन सब बातों का अनुसरण कर आप अपने डार्क सर्कल्स से जल्दी छुटकारा पा सकते हैं।

Wednesday, June 24, 2015

कुछ नुस्खे: छोटे लहसुन के बड़े फायदे.......
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(इन बीमारियों में है रामबाण)
लहसुन सिर्फ खाने के स्वाद को ही नहीं बढ़ाता बल्कि शरीर के लिए एक औषधी की तरह भी काम करता है।इसमें प्रोटीन, विटामिन, खनिज, लवण और फॉस्फोरस, आयरन व विटामिन ए,बी व सी भी पाए जाते हैं। लहसुन शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाता है। भोजन में किसी भी तरह इसका सेवन करना शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता है आज हम बताने जा रहे हैं आपको औषधिय गुण से भरपूर लहसुन के कुछ ऐसे ही नुस्खों के बारे में जो नीचे लिखी स्वास्थ्य समस्याओं में रामबाण है।

1-- 100 ग्राम सरसों के तेल में दो ग्राम (आधा चम्मच) अजवाइन के दाने और आठ-दस लहसुन की कुली डालकर धीमी-धीमी आंच पर पकाएं। जब लहसुन और अजवाइन काली हो जाए तब तेल उतारकर ठंडा कर छान लें और बोतल में भर दें। इस तेल को गुनगुना कर इसकी मालिश करने से हर प्रकार का बदन का दर्द दूर हो जाता है।

2-- लहसुन की एक कली छीलकर सुबह एक गिलास पानी से निगल लेने से रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रहता है।साथ ही ब्लडप्रेशर भी कंट्रोल में रहता है।

3-- लहसुन डायबिटीज के रोगियों के लिए भी फायदेमंद होता है। यह शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में कारगर साबित होता है।

4-- खांसी और टीबी में लहसुन बेहद फायदेमंद है। लहसुन के रस की कुछ बूंदे रुई पर डालकर सूंघने से सर्दी ठीक हो जाती है।

5-- लहसुन दमा के इलाज में कारगर साबित होता है। 30 मिली लीटर दूध में लहसुन की पांच कलियां उबालें और इस मिश्रण का हर रोज सेवन करने से दमे में शुरुआती अवस्था में काफी फायदा मिलता है। अदरक की गरम चाय में लहसुन की दो पिसी कलियां मिलाकर पीने से भी अस्थमा नियंत्रित रहता है।

6-- लहसुन की दो कलियों को पीसकर उसमें और एक छोटा चम्मच हल्दी पाउडर मिला कर क्रीम बना ले इसे सिर्फ मुहांसों पर लगाएं। मुहांसे साफ हो जाएंगे।

7-- लहसुन की दो कलियां पीसकर एक गिलास दूध में उबाल लें और ठंडा करके सुबह शाम कुछ दिन पीएं दिल से संबंधित बीमारियों में आराम मिलता है।

8-- लहसुन के नियमित सेवन से पेट और भोजन की नली का कैंसर और स्तन कैंसर की सम्भावना कम हो जाती है।

9-- नियमित लहसुन खाने से ब्लडप्रेशर नियमित रहता है। एसीडिटी और गैस्टिक ट्रबल में भी इसका प्रयोग फायदेमंद होता है। दिल की बीमारियों के साथ यह तनाव को भी नियंत्रित करती है।

10-- लहसुन की 5 कलियों को थोड़ा पानी डालकर पीस लें और उसमें 10 ग्राम शहद मिलाकर सुबह -शाम सेवन करें। इस उपाय को करने से सफेद बाल काले हो जाएंगे।

11- यदि रोज नियमित रूप से लहसुन की पाँच कलियाँ खाई जाएँ तो हृदय संबंधी रोग होने की संभावना में कमी आती है। इसको पीसकर त्वचा पर लेप करने से विषैले कीड़ों के काटने या डंक मारने से होने वाली जलन कम हो जाती है।