Some beautiful lines
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"कुछ अरमान उन बारीश कि बुंदों कि तरह होते है,जिनको छुने कि ख्वाहिश में,हथेलिया तो गिली होजाती ,पर हाथ हमेशा खाली रह जाते है।"
"ज़िंदगी बड़ी अजीब होती है |
कभी हार कभी जीत होती है |
तमन्ना रखो समंदर की गहराई छूने की |
किनारों पे तो बस ज़िंदगी की शुरुवात होती है |"
इंसान की तरह बोलना न आये तो जानवर की तरह मौन रहना अच्छा है ..
जिस तरह बरसात आने से पहले छतरी खोलने का कोई अर्थ नही , उसी तरह काल्पनिक मुशिबतों के लिए पहले से ही चिंता करने का कोई मतलब नही ..
अन्त मे चार पंक्तियाँ दिल की गहराई से -
उसकी धाक ...., एक दो पर नहीं , सैकड़ो पे थी . और गिनती भी उसकी शहर के बड़े बड़ो में थी. दफ़न .... केवल छह फिट के गड्डे में कर दिया उसको , जबकि ...... जमीन उसके नाम तो कई एकड़ो में थी ..
आपका दिन मंगलमय हो
+ धर्मेन्द्र +
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