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Thursday, March 20, 2014

जिस ग्रन्थ मैं हित आयु , अहित आयु , सुख आयु और दुःख आयु इन चार प्रकार की आयु के लिए हित [पथ्य ] अहित [अपथ्य ] इस आयु का मान [ प्रमाण और अप्रमाण ] और आयु का स्वरूप बताया गया हो , उसे आयुर्वेद शास्त्र कहा जाता है !!!

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