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निरोगधाम पत्रिका
पारिवारिक स्वास्थ्य पत्रिका
Friday, March 28, 2014
चिन्तन...
मनुष्य जैसा चिन्तन करता है वैसा उसका चित्त हो जाता है। जैसा लक्ष्य रखता है वैसे लक्षण उसमें आने लगते है।
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